सर्वजन सेल्फ केयर टीम (SSCT) की स्थापना जनवरी 2026 ई0 को सर्वसमाज के उच्च स्तर पर पदस्थ व्यक्ति से लेकर अंतिम स्तर तक के व्यक्ति तक तीव्र आर्थिक/शैक्षिक/न्यायिक/सामाजिक राहत पहुंचाने के लिए हुई है।
सरकारी शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, सिंचाई विभाग, जल निगम, राजस्व विभाग, ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग, परिवहन विभाग, रेल विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, विद्युत विभाग, बैंक, पुलिस, होमगार्ड, कलेक्ट्रेट विभाग इत्यादि अन्य समस्त विभागों के सरकारी/संविदा/आउटसोर्सिंग कर्मचारी/अधिकारी SSCT की सदस्यता ले सकते हैं।
वित्तविहीन विद्यालय/कॉलेज/मदरसा के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं प्रबंधक SSCT की सदस्यता ले सकते हैं।
प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत समस्त कर्मचारी, अधिकारी, एडवोकेट, मीडियाकर्मी, प्रबंधक, डॉक्टर, इंजीनियर, नर्स SSCT की सदस्यता ले सकते हैं।
किसान, मजदूर, व्यवसाई, कारीगर, गृहिणी, छात्र छात्राएं SSCT की सदस्यता ले सकते हैं। SSCT व्यवसाय-पेशा, वर्ग/धर्म की भावना से ऊपर उठकर आर्थिक मदद करती है। SSCT की सदस्यता हेतु प्रदेश का स्थाई निवासी होना अनिवार्य है।
सदस्यता प्राप्त करने की उम्रसीमा 18 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक रहेगी जबकि एक बार सदस्य बन जाने के उपरांत 65 वर्ष उम्र तक सदस्यता बनाए रखने की अनुमति है। सदस्यों की 65 वर्ष उम्र पूरी होते ही स्वतः सदस्यता समाप्त हो जाएगी।
समस्त नियमों व शर्तों के अनुसार www.ssctup.com वेबसाइट के माध्यम से रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरके सदस्यता ली जा सकती है।
सर्वजन सेल्फ केयर टीम (SSCT) से कैसे जुड़ें?
सर्वजन सेल्फ केयर टीम (SSCT) से जुड़ने के लिए निर्धारित वेबसाइट www.ssctup.com पर जाकर नियम एवं शर्तें/नियमावली का अवलोकन करके सहमति देते हुए रजिस्ट्रेशन किया जायेगा तथा समस्त सूचनाओं से अपडेट रहने के लिए सदैव वेबसाइट, निर्धारित सोशल मीडिया एवं अन्य सभी प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वयं जानकारी लेते रहना होगा। यदि जानकारी के अभाव में किसी की सदस्यता प्रभावित होती है या किसी प्रकार के सहयोग से वंचित होता है तो इसकी जिम्मेदारी स्वयं सदस्य की होगी। नियम विरूद्ध जाकर किसी भी प्रकार की शिथिलता प्रदान नहीं की जायेगी।
सहयोग की प्रक्रिया
सर्वजन सेल्फ केयर टीम (SSCT) द्वारा समय समय पर सदस्यों एवं उनके परिवारों/आश्रितों/नॉमिनी तथा समाज के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जाएगी। SSCT से जुड़े हुए सभी सदस्यों को संस्था की आधिकारिक सोशल मीडिया तथा विभिन्न मंचों के माध्यम से आह्वान किया जाएगा। तत्क्रम में SSCT द्वारा निर्धारित न्यूनतम सहयोग की धनराशि आर्थिक सहयोग के तौर पर सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के बैंक खाते में भेजना अनिवार्य होगा। आर्थिक सहयोग भेजकर वेबसाइट पर ट्रांजेक्शन डिटेल्स भरते हुए ट्रांजेक्शन रसीद अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। सदस्य संख्या के अनुसार प्रति सदस्य न्यूनतम धनराशि घटाने/बढ़ाने का अधिकार संस्था के पास सुरक्षित रहेगा।
यदि किसी सदस्य द्वारा सदस्यता ग्रहण करने के बाद सहयोग नहीं किया गया या कुछ महीने/वर्षों सहयोग करने के बाद एक या एक से अधिक सहयोग छोड़ दिया गया, परिणामस्वरूप 90% सहयोग के दायरे में भी नहीं आता है या अवैधानिक हो जाता है, ऐसी स्थिति में लगातार 4 माह सहयोग करके और 4 माह अथवा 120 दिन का समय पूरा करके पुनः वैधानिकता प्राप्त कर सकता है।
1.समस्त सदस्यों को वार्षिक 50 रूपए "सर्वजन सेवा ट्रस्ट(SST)" को दान देना अनिवार्य है।
2. हर वर्ष ट्रस्ट को 50 रुपए वार्षिक दान देने के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अर्थात SSCT की वैधानिक सदस्यता बनाए रखने के लिए ट्रस्ट को वार्षिक दान दिए हुए 1 वर्ष पूरे होने के बाद 30 दिन के अंदर वार्षिक दान देकर अपने प्रोफाइल में ट्रांजेक्शन स्क्रीन शॉट अपलोड करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा में वार्षिक दान जमा नहीं करने वाले सदस्य की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी एवं "आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना" में अपात्र कर दिया जाएगा।
3. ट्रस्ट को दिए गए वार्षिक 50 रुपए दान/सहयोग को निम्नलिखित कार्यों में खर्च किया जायेगा।
A. वेबसाइट के निर्माण और संचालन में
B. ऐप बनवाने और संचालन में
C. जिला और प्रदेश कार्यालय खर्च हेतु
D. जिला और प्रदेश हेल्पलाइन नंबर पर नियुक्त स्टाफ को मानदेय देने में
E. दिवंगत सदस्य के घर स्थलीय सत्यापन में
F. प्रचार प्रसार और सदस्यता अभियान में
G. समय समय पर नई तकनीकी लाने में, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी के साथ-साथ आसान व सुगम बन सके।
H. उत्तरप्रदेश के जरूरतमंद व्यक्तियों/छात्रों के हित में विभिन्न प्रकार का सहयोग करने में।
4. SSCT द्वारा सदस्यों की सुविधा हेतु हेल्पलाइन नंबर 7905543369 जारी किया गया है, जिस पर कॉल/व्हाट्सएप मैसेज अथवा अधिकृत E-mail- ssctup@gmail.com के माध्यम से सूचनाओं का आदान प्रदान किया जा सकता है एवं तकनीकी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
5. सूचनाओं के आदान प्रदान हेतु आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप/टेलीग्राम ग्रुप/अन्य सोशल मीडिया ग्रुप में जुड़ कर सूचनाओं से अपडेट रहना होगा। सूचना के अभाव में यदि आपके वैधानिकता पर कोई प्रभाव पड़ता है तो उसके लिए आप स्वयं उत्तरदायी/जिम्मेदार होंगें।
6. आवश्यकता पड़ने पर टीम के संस्थापक मण्डल द्वारा नियमावली में परिवर्तन किया जा सकता है। लॉक इन पीरियड को आवश्यकतानुसार घटाया या बढ़ाया जा सकता है जिसे सभी सदस्यों के द्वारा मानना अनिवार्य होगा।
7. SSCT जैसी किसी भी अन्य संस्था से जुड़े हुए सदस्य को SSCT द्वारा समस्त योजनाओं का लाभ दिया जायेगा। सदस्य के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं रखा जायेगा।
8. कोई भी सदस्य SSCT के खिलाफ दुष्प्रचार या अफवाह फैलाता है, बिना साक्ष्य या आकड़े प्रस्तुत किए आरोप लगाता है तो टीम उसकी सदस्यता रद्द करने व विधिक कार्यवाही हेतु स्वतंत्र होगी।
9. SSCT के किसी पदाधिकारी के साथ कोई सदस्य अभद्र व्यवहार करते हुए या SSCT विरोधी गतिविधि में लिप्त पाया गया तो पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उक्त सदस्य की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।
10. व्यवस्था संचालन हेतु दिये गये दान/सहयोग के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार का दावा/क्लेम/वापस नहीं किया जायेगा।
11. सहयोग के दौरान या उसके बाद यदि किसी सदस्य द्वारा गलती से 100 रूपये से अधिक धनराशि किसी सहयोग हो रहे/हो चुके नॉमिनी के खाते में भेज दी जाती है तो उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर नॉमिनी द्वारा वह धनराशि सीधे उस सदस्य के खाते में वापस करनी पड़ेगी। गलती से भेजी हुई धनराशि को वापस कराने की गारंटी टीम नही लेगी किन्तु वापस करवाने हेतु सार्थक और पूर्ण प्रयास करेगी।
12. संस्था द्वारा किसी भी प्रकार के मामले में जहाँ उचित समझेगी वहाँ अपने स्तर से परीक्षण करने व निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगी। कोई भी सदस्य/नामिनी आर्थिक सहयोग प्राप्त करने हेतु कानूनी दावा नहीं कर सकेगा बल्कि टीम द्वारा वैधानिकता के सम्बन्ध लिये गये निर्णय के आधार पर ही आर्थिक सहयोग कराने का प्रयास करेगा। लाभार्थी को मिलने वाली कुल धनराशि संस्था के अलग-अलग सदस्यों द्वारा किये जाने वाले सहयोग पर निर्भर करेगी। संस्था द्वारा कोई निश्चित/कम/ज्यादा धनराशि पहुँचने का कोई दावा नहीं किया जायेगा और न ही किसी सदस्य/नामिनी द्वारा इस हेतु कोई मांग/दावा/अधिकार/कानूनी दावा पेश नहीं करेगा। किसी भी प्रकार के कानूनी विवाद का निपटारा न्यायिक क्षेत्र, संस्था द्वारा निर्धारित क्षेत्र में ही किया जायेगा।
आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना की नियमावली
1. आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना के अन्तर्गत अधिकतम सहयोग राशि 50 लाख रुपये का लक्ष्य SSCT द्वारा निर्धारित किया गया है। (सदस्यों की संख्या पर निर्भर करेगा)।
2. यदि SSCT के किसी वैधानिक सदस्य की असामयिक दुखद निधन हो जाती है तो SSCT से जुड़े शेष अन्य सभी सदस्य संस्थापक मंडल द्वारा नियमानुसार आधिकारिक आह्वान पर निर्धारित न्यूनतम धनराशि सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के बैंक खाते में आर्थिक सहयोग भेजेंगे। आर्थिक सहयोग भेजकर वेबसाइट पर ट्रांजेक्शन डिटेल्स भरते हुए ट्रांजेक्शन रसीद अपलोड करना भी अनिवार्य है। वर्तमान में आर्थिक सहयोग प्रति सदस्य न्यूनतम 50 रूपए निर्धारित किया जा रहा है। सदस्य संख्या के अनुसार प्रति सदस्य न्यूनतम धनराशि घटाने/बढ़ाने का अधिकार संस्थापक मंडल के पास सुरक्षित रहेगा।
3. समस्त सदस्यों का लॉक इन पीरियड 8 माह रहेगा। लॉक इन पीरियड में जारी समस्त सहयोग करना अनिवार्य है। लॉक इन पीरियड 8 माह से तात्पर्य है कि यदि कोई सदस्य 1 अप्रैल को नियमानुसार रजिस्ट्रेशन करता है और यदि उसी वर्ष उसकी मृत्यु 30 नवम्बर की रात 12 बजे से पूर्व तक हो जाती है तो उसके नॉमिनी को सहयोग प्राप्त नहीं होगा।
4. वैधानिक सदस्यता के लिए लॉक इन पीरियड तक के समस्त सहयोग करना अनिवार्य है एवं लॉक इन पीरियड के बाद कुल 90% सहयोग करना अनिवार्य है। सदस्यता से लेकर मृत्यु तिथि तक 1 वर्ष से अधिक समयांतराल की स्थिति में मृत्यु की तिथि से 1 वर्ष पूर्व के बीच हुए कुल सहयोग का 90% सहयोग होना चाहिए।
5. संस्थापक मंडल वैधानिकता या किसी भी प्रकार के मामलों में जहां उचित समझेंगे अपने स्तर से परीक्षण करने व निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे। कोई भी सदस्य/नॉमिनी आर्थिक सहयोग प्राप्त करने हेतु कानूनी दावा नहीं कर सकेगा, बल्कि टीम द्वारा वैधानिकता के संबंध में लिए गए निर्णय के आधार पर नैतिक रूप से आर्थिक सहयोग कराने का प्रयास किया जाएगा।
6. यदि किसी सदस्य द्वारा सदस्य बनने के बाद सहयोग नहीं किया गया या कुछ महीने/वर्षों सहयोग करने के बाद 1 या 1 से अधिक सहयोग छोड़ दिया, यदि वह सदस्य 90% सहयोग के दायरे में भी नहीं आता है या अवैधानिक हो जाता है, ऐसी स्थिति में लगातार 4 माह सहयोग करके पुनः वैधानिक सदस्यता प्राप्त कर सकता है।
7. सदस्य द्वारा आत्महत्या की स्थिति में कोई आर्थिक सहयोग हेतु अपील नहीं की जाएगी। आत्महत्या के अलावा सभी तरह के मृत्यु पर आर्थिक सहयोग की अपील की जाएगी।
8. यदि सदस्य द्वारा बनाए गए नॉमिनी ने ही खुद सदस्य की हत्या की है तो ऐसे नॉमिनी को आर्थिक मदद नहीं किया जायेगा। ऐसे परिस्थिति में आवश्यकता पड़ने पर अपने स्वविवेक से संस्थापक मंडल दिवंगत सदस्य के यथोचित नॉमिनी का चयन करने के लिए स्वतंत्र होगा।
9. SSCT सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के खाते में आर्थिक सहयोग करवाती है इसलिए सहयोग प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की न्यायिक चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं होगा।
10. यदि SSCT का कोई वैधानिक सदस्य अपनी उम्र सीमा 65 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर लेता है और इस कारण से उसकी SSCT की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जायेगी है, तो उक्त सदस्य की 65 वर्ष उम्र के बाद जब भी (उम्र की कोई बाध्यता नहीं) उसका दुखद निधन होता है, तो ट्रस्ट के खाते से 21000 रूपए उक्त सदस्य के नॉमिनी को अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित अनुदान धनराशि 21000 रुपए ट्रस्ट में उपलब्ध बजट के आधार पर घट या बढ़ सकती है। “किसी भी निर्णय की स्थिति में वेबसाइट पर अपलोड नियमावली की प्रति ही मान्य होगी।”
बेटी विवाह योजना की नियमावली
1. बेटी विवाह योजना के अन्तर्गत SSCT द्वारा सदस्य को अधिकतम 6 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। (सदस्य संख्या पर निर्भर करेगा)
2. सभी रजिस्टर्ड सदस्यों के लिए बेटी विवाह योजना का लॉक इन पीरियड 8 माह होगा। "बेटी विवाह योजना" में पात्रता के लिए लॉक इन पीरियड सिर्फ सदस्य का पूरा होना अनिवार्य है। सदस्य के बेटी का लॉक इन पीरियड पूरा होना अनिवार्य नहीं है।
3. सदस्य द्वारा सदस्यता तिथि से बेटी की विवाह तिथि तक इस योजना में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है। यदि सदस्य द्वारा बेटी विवाह योजना में 90% अवसरों पर सहयोग नहीं किया गया है तो आवेदन हेतु पात्र नहीं होगा।
4. इस योजना में पात्रता हेतु दिवंगत सदस्य के परिवार को सहयोग मामले में भी वैधानिक होना अनिवार्य है। SSCT का वैधानिक सदस्य ही बेटी विवाह योजना में पात्र है। जो सदस्य नियमानुसार दिवंगत सदस्य के नॉमिनी को सहयोग नहीं करेंगे, वह सदस्य बेटी विवाह योजना में पात्र नहीं होंगे।
5. बेटी विवाह योजना में लाभार्थी सदस्य द्वारा लाभ के बाद न्यूनतम 8 वर्ष तक बेटी विवाह योजना के 90% अवसरों पर आर्थिक सहयोग करना अनिवार्य है। यदि लाभार्थी बेटी विवाह योजना में आगामी 8 वर्षों तक 90% अवसरों पर सहयोग नहीं करता है तो असामयिक निधन और गंभीर बीमारी इलाज के लिए आर्थिक मदद हेतु स्वतः अवैधानिक हो जाएगा। यदि बेटी विवाह योजना में लाभ प्राप्त करने के बाद लाभार्थी इस योजना में आगामी 8 वर्षों तक 90% अवसरों पर सहयोग नहीं करता है, तो उक्त लाभार्थी SSCT की समस्त आर्थिक लाभ योजनाओं के लिए स्वतः अपात्र हो जाएगा।
6. यदि किसी सदस्य की 1 से अधिक जैविक पुत्रियां हैं, फिर भी वह आर्थिक सहयोग प्राप्त करने के लिए पात्र होंगा। बशर्ते दो बेटियों के विवाह के बीच का समयान्तराल 2 वर्ष या उससे अधिक होना चाहिए।
7. सदस्य के स्वयं के विवाह पर बेटी विवाह योजना लागू नहीं है।
8. यदि बेटी के जैविक माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं और बेटी का कोई जैविक भाई भी नहीं है तो बेटी स्वयं के विवाह पर बेटी विवाह योजना में सहयोग प्राप्त कर सकती है। बेटी (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) को स्वयं सदस्य बनकर 6 माह का लॉक इन पीरियड पूरा करना होगा। बेटी को सदस्य के रूप में सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक लगातार "बेटी विवाह योजना" व "आकस्मिक निधन" दोनों में अलग अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य होगा।
9. यदि पति पत्नी दोनों सदस्य हैं तो पति पत्नी में से कोई एक ही इस योजना में लाभ के लिए पात्र होंगे, अर्थात पति पत्नी दोनों में से कोई एक ही "बेटी विवाह योजना" में लाभ हेतु आवेदन कर सकेगा।
10. बेटी विवाह योजना में आवेदन हेतु सदस्य की जिस बेटी की विवाह के लिए मदद होनी है, वह बेटी 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी हो तथा SSCT की सदस्य अवश्य होनी चाहिए। बाल विवाह के बचाव हेतु यह निर्णय सर्वजन के हित में लिया गया है।
11. सदस्यता लेते समय यदि सदस्य की बेटी ने 18 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं की है तो बेटी की उम्र 18 वर्ष पूर्ण होते ही सदस्य बनना है और "बेटी विवाह योजना" व "आकस्मिक निधन" में न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करना है, किन्तु यदि किसी कारण से बेटी 18 वर्ष की आयु पूरा होते ही सदस्य नहीं बन पाई है तो बेटी को 18 वर्ष उम्र पूर्ण होने के अगले 6 माह बाद तक अनिवार्य रूप से सदस्य बन कर सहयोग शुरू कर देना है। यदि सदस्यता लेते समय सदस्य की बेटी की उम्र 18 वर्ष या 18 वर्ष से अधिक है तो नियमानुसार सदस्य के साथ ही बेटी को भी सदस्य बनना है और "बेटी विवाह योजना" व "आकस्मिक निधन" में न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है, यदि किसी कारण से सदस्य के साथ बेटी उसी दिन सदस्य नहीं बन पाई तो बेटी को अगले 6 माह बाद तक अनिवार्य रूप से सदस्य बन जाना है और सहयोग शुरू कर देना है।
12. बेटी विवाह योजना में प्रति सदस्य अधिकतम 50 रुपए तक का आर्थिक सहयोग निर्धारित है। परिस्थिति अनुसार निर्धारित धनराशि को घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
13. SSCT का जो सदस्य बेटी विवाह योजना में आर्थिक सहयोग नहीं करता है, उसका आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना की वैधानिकता प्रभावित नहीं होगी। आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना में वैधानिकता के लिए दिवंगत सदस्य के परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहयोग करना अनिवार्य होगा।
14. SSCT सीधे बेटी के पिता के बैंक खाते में आर्थिक सहयोग कराती है। इसलिए सहयोग प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की न्यायिक या कानूनी चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं होगा। बेटी विवाह योजना में सहयोग प्राप्त करना सिर्फ नैतिक अधिकार है, न कि कानूनी/विधिक अधिकार है।
15. "बेटी विवाह योजना" में विवाह तिथि से 1 माह पूर्व आवेदन करना अनिवार्य है क्योंकि स्थलीय सत्यापन और आर्थिक सहयोग कराने के लिए कम से कम 1 माह के समय की आवश्यकता होती है।
16. यदि किसी बेटी के माता-पिता में से कोई जीवित नहीं हैं, तो बेटी का जैविक भाई जिसकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष पूर्ण हो वह स्वयं SSCT में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूर्ण करके सदस्य बनकर निर्धारित लॉक इन पीरियड पूरा करके सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक "बेटी विवाह योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करके अपनी बहन के विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु पात्र होगा। उक्त बेटी की आयु यदि 18 वर्ष पूर्ण नहीं है, तो वह 18 वर्ष की आयु पूर्ण होते ही उसे सदस्य बनकर "बेटी विवाह योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य होगा। विवाह में सहयोग हेतु आवेदन के समय जैविक भाई-बहन होने का प्रमाण एवं माता-पिता दोनों के मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
17. यदि बेटी के माता-पिता दोनों 60 वर्ष का आयु से अधिक उम्र के हैं, तो बेटी का जैविक भाई (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) स्वयं SSCT में सदस्य बनकर निर्धारित लॉक इन पीरियड पूरा करके सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक "बेटी विवाह योजना" एवं "आकस्मिक निधन योजना" दोनों में न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करके अपनी बहन के विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु पात्र होगा। विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु आवेदन के समय जैविक भाई-बहन होने का प्रमाण देना होगा।
18. माता या पिता अपनी बेटी की शादी में सहयोग प्राप्त करने के उद्देश्य से सदस्य बनकर लगातार सहयोग कर रहे हैं। यदि उस सदस्य (माता/पिता) की मृत्यु उसकी बेटी की शादी से पहले हो जाती है तो मृत्यु के उपरांत माता/पिता में से जो जीवित है सदस्य बनेगा, इस परिस्थिति में लॉक इन पीरियड पहले बने सदस्य (माता/पिता) की सदस्यता तिथि से जोड़ा जाएगा। यदि "आकस्मिक निधन योजना" के लॉक इन पीरियड पूर्ण करने के बाद सदस्य (माता या पिता) की मृत्यु होती है तो इस परिस्थिति में नियमावली क्रम संख्या 17 लागू नहीं होगा अर्थात् आकस्मिक निधन योजना का लाभ नामिनी को मिलेगा, बेटी विवाह योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
19. बेटी विवाह योजना में गोद ली गयी बेटी को भी सहयोग प्राप्त करने का अधिकार होगा, लेकिन गोद लेने का सक्षम अधिकार द्वारा निर्गत वैध प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा, जोकि बेटी की अधिकतम 5 वर्ष की उम्र से पहले का होना चाहिए।
गम्भीर बीमारी योजना की नियमावली
1. गम्भीर बीमारी/मार्ग दुर्घटना योजना सदस्य संख्या 1 लाख होने पर शुरू की जायेगी।
2. गम्भीर बीमारी योजना में अधिकतम 5 लाख रूपये तक का आर्थिक सहयोग प्रदान किया जायेगा।
3. गम्भीर बीमारी योजना के लिए सदस्य संख्या 1 लाख होने पर नियमावली बनायी जायेगी।